Why PM Modi Asked Indians To Avoid Buying Gold And Why Gold Never Rusts
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से एक साल तक सोना खरीदने से बचने की अपील की है। सरकार का मानना है कि बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं, महंगे कच्चे तेल और कमजोर होते रुपये के बीच भारी मात्रा में सोने का आयात भारतीय अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गोल्ड उपभोक्ता देश है और यहां इस्तेमाल होने वाला अधिकांश सोना विदेशों से आयात किया जाता है। बीते वित्त वर्ष में भारत ने करीब 72 अरब डॉलर का सोना आयात किया था। वहीं ईरान संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज उछाल देखने को मिल रहा है। ऐसे में सरकार विदेशी मुद्रा भंडार और रुपये पर बढ़ते दबाव को लेकर सतर्क है।
इसी बीच घरेलू बाजार में सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। कई शहरों में 24 कैरेट सोना करीब 1.61 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं।
आखिर सोना कभी खराब या जंग क्यों नहीं खाता?
सोने की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह आसानी से हवा, पानी या नमी के साथ प्रतिक्रिया नहीं करता। यही कारण है कि सोना वर्षों तक चमकदार बना रहता है और उस पर जंग नहीं लगती।
वैज्ञानिक भाषा में सोने को “नोबल मेटल” कहा जाता है। इसका रासायनिक नाम “Au” है, जो लैटिन शब्द “Aurum” से लिया गया है। सोने की परमाणु संरचना ऐसी होती है कि इसके इलेक्ट्रॉन बहुत मजबूती से जुड़े रहते हैं। इसलिए ऑक्सीजन या नमी इसे आसानी से प्रभावित नहीं कर पाती।
आम धातुओं जैसे लोहे में ऑक्सीकरण की प्रक्रिया होती है, जिससे जंग लगती है। लेकिन सोना अपने इलेक्ट्रॉन आसानी से नहीं छोड़ता, इसलिए इसमें जंग या क्षरण नहीं होता। यही वजह है कि हजारों साल पुराने सोने के आभूषण और सिक्के आज भी लगभग नए जैसे दिखाई देते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोना केवल सांस्कृतिक या निवेश के लिहाज से ही नहीं, बल्कि अपनी वैज्ञानिक विशेषताओं के कारण भी दुनिया की सबसे मूल्यवान धातुओं में गिना जाता है।
