Netanyahu’s Revelation Upsets UAE
इजराइल: के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के एक बड़े खुलासे ने यूएई और इजराइल के रिश्तों में नई कूटनीतिक परेशानी खड़ी कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेतन्याहू ने अपनी घरेलू राजनीति को मजबूत करने के लिए UAE के गुप्त दौरे की जानकारी सार्वजनिक कर दी, जबकि अबू धाबी चाहता था कि यह मुलाकात पूरी तरह सीक्रेट रखी जाए।
पिछले बुधवार को नेतन्याहू ने दावा किया था कि ईरान युद्ध के दौरान उन्होंने चुपचाप UAE का दौरा किया और वहां उनकी मुलाकात UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से हुई। उन्होंने इस बैठक को दोनों देशों के रिश्तों के लिए “ऐतिहासिक सफलता” बताया।
UAE ने दावों को बताया गलत | UAE Rejects Netanyahu’s Claims
नेतन्याहू के बयान के तुरंत बाद UAE ने इस दावे को खारिज कर दिया। अबू धाबी की ओर से कहा गया कि इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय का बयान पूरी तरह गलत है। इजराइली चैनल 12 की रिपोर्ट के अनुसार, UAE अधिकारियों ने नेतन्याहू से पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि इस मुलाकात को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।
इसके बावजूद नेतन्याहू ने खुद इस सीक्रेट दौरे का खुलासा कर दिया, जिससे UAE के अधिकारी नाराज हो गए और दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ गया।
राजनीति बचाने के लिए किया खुलासा? | Leak Linked to Domestic Politics
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नेतन्याहू ने यह कदम अपनी राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने के लिए उठाया। उन्हें जानकारी मिली थी कि उनके बड़े राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी और पूर्व प्रधानमंत्री नफ्टाली बेनेट अगले दिन UAE दौरे पर जाने वाले हैं।
बताया जा रहा है कि बेनेट की UAE राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात तय थी। ऐसे में नेतन्याहू को डर था कि यदि बेनेट का दौरा सार्वजनिक हो जाता और उनका दौरा गुप्त ही रहता, तो इससे यह संदेश जाता कि UAE मौजूदा प्रधानमंत्री की तुलना में बेनेट को ज्यादा महत्व दे रहा है।
कौन हैं नफ्टाली बेनेट? | Who is Naftali Bennett?
नफ्टाली बेनेट इजराइल की राजनीति में नेतन्याहू के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी माने जाते हैं। उन्होंने 2021 में नेतन्याहू को सत्ता से हटाकर सरकार बनाई थी। हालांकि 2022 में उनकी सरकार गिर गई थी। अब बेनेट अपनी “टुगेदर पार्टी” के जरिए दोबारा राजनीतिक वापसी की कोशिश कर रहे हैं और आगामी चुनावों में उन्हें नेतन्याहू के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
2020 के बाद मजबूत हुए रिश्ते | Israel-UAE Ties Grew After 2020
2020 में हुए अब्राहम समझौते के बाद से इजराइल और UAE के संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक और सुरक्षा सहयोग तेजी से बढ़ा है।
ईरान के साथ बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के बाद दोनों देशों की नजदीकियां और बढ़ी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइल और UAE ने ईरान के खिलाफ खुफिया जानकारी साझा करने, ड्रोन और मिसाइल हमलों को रोकने और सुरक्षा सहयोग मजबूत करने जैसे मुद्दों पर भी साथ काम किया है।
