Iran Warns Gulf Nations After Trump Threats: “One Strike Will Be Answered Fourfold”
अमेरिका: और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। Donald Trump की कड़ी चेतावनी के बाद ईरान की सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
ईरान ने साफ कहा है कि अगर अमेरिका ने उसके बुनियादी ढांचे, खासकर पावर प्लांट्स पर हमला किया, तो वह बड़ा जवाब देगा, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो सकता है। ईरान का दावा है कि ऐसे हालात में दुनिया की करीब एक-तिहाई तेल सप्लाई बाधित हो सकती है।
IRGC से जुड़े सूत्रों के अनुसार, जवाबी कार्रवाई में खाड़ी क्षेत्र की प्रमुख तेल सुविधाओं को निशाना बनाया जा सकता है। इसमें सऊदी अरब की अरामको और यानबू ऑयल फैसिलिटी के साथ-साथ यूएई की फुजैरा पाइपलाइन भी शामिल हो सकती है।
ईरान ने अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी का भी विरोध करते हुए इसे पूर्व समझौतों का उल्लंघन बताया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि जब तक अमेरिकी नौसेना का घेरा ईरानी बंदरगाहों पर बना रहेगा, तब तक किसी भी तरह की वार्ता संभव नहीं है।
इस बीच, ट्रंप ने कहा है कि अगर बातचीत विफल होती है तो ईरान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उसके अहम ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका एक समझौते के लिए प्रयास कर रहा है, लेकिन शर्तें नहीं मानी गईं तो कड़ा कदम उठाया जाएगा।
हालांकि, ईरान ने फिलहाल अमेरिका के साथ किसी भी नई वार्ता से इनकार कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकई ने कहा कि तेहरान के पास अभी बातचीत को लेकर कोई योजना नहीं है।
इस पूरे घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ा दिया है, जिसका असर वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पड़ सकता है।
