Farmers Oppose Land Acquisition For Amaravati Expansion, Meet YS Jagan
अमरावती। आंध्र प्रदेश की प्रस्तावित राजधानी अमरावती के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को लेकर किसानों का विरोध तेज हो गया है। कई गांवों के किसानों ने सरकार पर उनकी सहमति के बिना भूमि अधिग्रहण और विकास कार्य आगे बढ़ाने का आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार, उंडवल्ली, पेनुमाका, निडमर्रू, एर्रापालेम और कुरगल्लू गांवों के किसानों ने उपजाऊ कृषि भूमि देने से साफ इनकार कर दिया है। किसानों का कहना है कि उनकी जमीन खेती के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसे किसी भी कीमत पर अधिग्रहित नहीं किया जाना चाहिए।
किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी अनुमति के बिना लेआउट तैयार कर रही है और रजिस्ट्रेशन संबंधी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे क्षेत्र के किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
अपनी समस्याओं को लेकर किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी से मिला। किसानों ने उन्हें अपनी चिंताओं से अवगत कराते हुए हस्तक्षेप की मांग की।
किसानों का कहना है कि पहले भूमि समर्पण करने वाले कई लोगों को अब तक समझौते के अनुरूप विकसित प्लॉट नहीं मिले हैं। ऐसे में नए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू किए जाने से किसानों में असंतोष और बढ़ गया है।
प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से मांग की है कि पहले पुराने वादों को पूरा किया जाए और किसानों की सहमति के बिना किसी भी प्रकार की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया आगे न बढ़ाई जाए।
फिलहाल इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। किसान सरकार से उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने और समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं।
