मैहर। मैहर जिले में एक आदिवासी किसान की मौत के बाद भूमि विवाद का मामला एक बार फिर चर्चा में है। परिजनों का आरोप है कि वर्षों तक न्यायालयों के चक्कर लगाने और कई अदालतों से उनके पक्ष में आदेश मिलने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला। किसान की मौत के बाद परिवार ने न्याय मिलने तक अंतिम संस्कार नहीं करने का फैसला लिया है।
जानकारी के अनुसार, अल्ट्राटेक सीमेंट उद्योग और आदिवासी किसान सहेश सिंह गोंड के बीच करीब 13 एकड़ भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। परिजनों का कहना है कि किसान अपनी भूमि और उसके प्रतिफल की मांग को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे थे।
परिवार का दावा है कि इस मामले में एसडीएम न्यायालय, कलेक्टर न्यायालय, संभागायुक्त न्यायालय, राजस्व मंडल सहित विभिन्न न्यायालयों से उनके पक्ष में आदेश पारित हुए। उनका यह भी आरोप है कि उच्च न्यायालय द्वारा भी उद्योग के विरुद्ध कार्रवाई संबंधी निर्देश दिए गए थे, लेकिन उन्हें न तो भूमि का उचित प्रतिफल मिला और न ही आदेशों का प्रभावी पालन कराया गया।
परिजनों के अनुसार, लीज अवधि समाप्त होने के बाद भी उनकी भूमि का उचित मुआवजा नहीं मिला। इसी संघर्ष के बीच सहेश सिंह गोंड का निधन हो गया, जिससे परिवार और ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
मृतक के परिजनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक प्रशासन उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं करता और उन्हें न्याय नहीं मिलता, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। उन्होंने प्रशासन और संबंधित उद्योग के खिलाफ बड़े आंदोलन की भी चेतावनी दी है।
फिलहाल इस पूरे मामले में अल्ट्राटेक सीमेंट उद्योग और जिला प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। मामले को लेकर आगे की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।
