अमरावती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले स्थित अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (भोगपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट) का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने यात्री टर्मिनल भवन का निरीक्षण किया और एयरपोर्ट पर उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं का जायजा लिया।
करीब 5,600 करोड़ रुपये की लागत से पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत 2,700 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट देश के सबसे तेजी से तैयार होने वाले अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों में शामिल है। परियोजना निर्धारित समय से करीब पांच महीने पहले पूरी कर ली गई और इसे डीजीसीए (DGCA) से संचालन की मंजूरी भी मिल चुकी है।
शुरुआती चरण में यह एयरपोर्ट हर साल लगभग 60 लाख यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा। भविष्य में इसकी क्षमता बढ़ाकर 4 करोड़ यात्रियों प्रति वर्ष तक करने की योजना बनाई गई है।
एयरपोर्ट के यात्री टर्मिनल का डिजाइन आंध्र प्रदेश की पारंपरिक ‘चुट्टिलू’ झोपड़ी, अराकू घाटी की प्राकृतिक सुंदरता और उड़ती हुई मछली की आकृति से प्रेरित होकर तैयार किया गया है, जिससे स्थानीय संस्कृति और आधुनिक वास्तुकला का सुंदर मेल देखने को मिलता है।
एयरपोर्ट पर 3,800 मीटर लंबा कोड-ई रनवे बनाया गया है, जहां बोइंग 777, बोइंग 787 ड्रीमलाइनर और एयरबस A330/A340 जैसे बड़े यात्री एवं मालवाहक विमान आसानी से उड़ान भर और उतर सकेंगे।
संचालन को आधुनिक बनाने के लिए एयरपोर्ट पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बायोमेट्रिक एंट्री, बैगेज ऑटोमेशन और प्रेडिक्टिव टेक्नोलॉजी जैसी अत्याधुनिक प्रणालियों का उपयोग किया गया है। वहीं पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए 5 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट, वर्षा जल संचयन प्रणाली और इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन जैसी हरित सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।
इस एयरपोर्ट के शुरू होने से उत्तर आंध्र क्षेत्र में हवाई संपर्क मजबूत होगा और पर्यटन, उद्योग, व्यापार तथा निवेश को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
