Middle East On High Alert As Airspace Closures And Flight Disruptions Spread
दुबई/मनामा। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब पूरे मध्य पूर्व के हवाई यातायात पर दिखाई देने लगा है। कुवैत और बहरीन की दिशा में मिसाइल हमलों की खबरों के बाद कई देशों ने सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए हैं, जबकि प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों ने अपनी उड़ानें रद्द या निलंबित कर दी हैं।
क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा खतरे को देखते हुए बहरीन ने एहतियातन अपना हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। वहीं संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कुवैत में भी विमान सेवाएं प्रभावित हुई हैं। कई उड़ानों को डायवर्ट किया गया है, जबकि कुछ विमानों को सुरक्षा कारणों से निर्धारित स्थानों पर रोक दिया गया।
अमेरिकी सेना के अनुसार, कुवैत और बहरीन की ओर दागी गईं मिसाइलों को या तो रास्ते में ही निष्क्रिय कर दिया गया या वे अपने लक्ष्य तक पहुंचने में विफल रहीं। इसके बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित ईरान के केश्म द्वीप पर एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया।
हालिया घटनाक्रम के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हवाई मार्गों की निगरानी बढ़ा दी गई है और कई देशों ने नागरिक उड्डयन एजेंसियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
तनाव का सबसे बड़ा असर अंतरराष्ट्रीय विमानन सेवाओं पर पड़ा है। कई प्रमुख एयरलाइनों ने दुबई, तेल अवीव, बगदाद, बेरूत, दोहा और रियाद जैसे गंतव्यों के लिए उड़ानों को अस्थायी रूप से रद्द या स्थगित कर दिया है। एयरलाइनों का कहना है कि यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय तनाव और बढ़ता है, तो वैश्विक हवाई यातायात, पर्यटन और व्यापार पर भी इसका व्यापक असर पड़ सकता है। फिलहाल मध्य पूर्व के देशों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की नजर हालात पर बनी हुई है।
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि क्षेत्र में तनाव के बावजूद कूटनीतिक संपर्क पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं और बातचीत के रास्ते अब भी खुले हैं। हालांकि जमीनी हालात को देखते हुए आने वाले दिनों में स्थिति और संवेदनशील हो सकती है।
