Land Record Errors Spark Dispute, Villagers Demand Probe Into Alleged Illegal Sales
सूरजपुर में जमीन रिकॉर्ड विवाद ने बढ़ाई चिंता, ग्रामीण पहुंचे कलेक्ट्रेट
सूरजपुर। जिले के प्रेमनगर क्षेत्र के नावापारा गांव में भूमि रिकॉर्ड से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों पहले हुए बंदोबस्त कार्य में हुई त्रुटियों का फायदा उठाकर कुछ लोगों द्वारा जमीनों की कथित फर्जी खरीद-फरोख्त की जा रही है। इस मामले को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 1991-92 के दौरान हुए बंदोबस्त एवं रिकॉर्ड सुधार कार्य में हुई गड़बड़ियों के कारण कई जमीनों के दस्तावेजों में विसंगतियां आ गईं। उनका कहना है कि गांव के कई परिवार दशकों से जिन जमीनों पर निवास और खेती करते आ रहे हैं, उन्हीं भूमि रिकॉर्ड को लेकर अब विवाद खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने रिकॉर्ड की कथित खामियों का लाभ उठाकर कई जमीनों की बिक्री कर दी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि गांव में स्थित एक पुराने प्राथमिक विद्यालय की भूमि को लेकर भी विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
मामले को लेकर ग्रामीणों और किसानों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि पूरे भूमि रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच कराई जाए और त्रुटियों को जल्द से जल्द सुधारा जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि जब तक रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं हो जाते, तब तक विवादित जमीनों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाई जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि भूमि संबंधी इस समस्या के कारण गांव में असमंजस और चिंता का माहौल है। उनका आरोप है कि रिकॉर्ड में सुधार नहीं होने से भविष्य में और अधिक विवाद उत्पन्न हो सकते हैं।
फिलहाल प्रशासन से मामले की जांच और उचित कार्रवाई की मांग की गई है। भूमि रिकॉर्ड और बिक्री से जुड़े आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच के बाद ही हो सकेगी।
