Farmers Protest Against Urea App, Former MLA Jajala Surender Demands Its Withdrawal
कामारेड्डी। येल्लारेड्डी विधानसभा क्षेत्र मुख्यालय में यूरिया वितरण के लिए लागू किए गए नए ऐप सिस्टम के विरोध में किसानों ने धरना प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में येल्लारेड्डी के पूर्व विधायक जाजला सुरेंद्र भी शामिल हुए और किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
धरने को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक जाजला सुरेंद्र ने कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं, लेकिन तकनीक के नाम पर उन्हें अनावश्यक परेशानियों में धकेला जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूरिया खरीदने के लिए लागू किए गए नए ऐप सिस्टम के कारण आम किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे किसान हैं जिनके पास स्मार्टफोन नहीं हैं या जो पढ़े-लिखे नहीं हैं। बुजुर्ग और अशिक्षित किसानों को ऐप चलाना और उसमें पंजीकरण करना नहीं आता, जिससे उन्हें यूरिया प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है।
पूर्व विधायक ने बताया कि कई गांवों में इंटरनेट और नेटवर्क की समस्या बनी रहती है। सर्वर डाउन होने की स्थिति में किसानों को घंटों तक धूप में इंतजार करना पड़ता है। समय पर यूरिया नहीं मिलने से फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि ऐप आधारित व्यवस्था के कारण किसानों को पंजीकरण के लिए इंटरनेट सेंटरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं। तकनीक का उद्देश्य किसानों का काम आसान बनाना होना चाहिए, न कि उन्हें नई परेशानियों में डालना।
जाजला सुरेंद्र ने सरकार से मांग की कि पहले की तरह आधार कार्ड या पट्टादार पासबुक दिखाकर सीधे यूरिया उपलब्ध कराने की व्यवस्था बहाल की जाए और मौजूदा ऐप सिस्टम को तत्काल समाप्त किया जाए।
उन्होंने यह भी मांग की कि दो दिनों के भीतर येल्लारेड्डी विधानसभा क्षेत्र के सभी केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराया जाए। चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा।
धरने में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और यूरिया वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
