राजनांदगांव: जिले में करोड़ों रुपये की लागत से बने बरगा और आलीवारा रेलवे ओवरब्रिज पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गए हैं। दोनों ओवरब्रिजों की सड़क पर धंसाव, दरारें और डामर उखड़ने की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, हाल ही में शुरू किए गए बरगा रेलवे ओवरब्रिज पर करीब 100 मीटर तक सड़क में लंबी दरारें पड़ गई हैं। कई स्थानों पर सड़क धंसने और डामर उखड़ने की भी बात सामने आई है। इससे वाहन चालकों में हादसे का खतरा बढ़ गया है।
करीब एक माह पहले शुरू हुए आलीवारा रेलवे ओवरब्रिज की एप्रोच रोड पर भी पहली बारिश के बाद दरारें और धंसाव दिखाई देने लगे हैं। रेलवे की ओर से मरम्मत कार्य शुरू किया गया है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि केवल पैचवर्क से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने निर्माण कार्य की स्वतंत्र तकनीकी जांच कर दोषपूर्ण हिस्सों का दोबारा निर्माण कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले मनगटा-मुढ़ीपार रेलवे ओवरब्रिज में भी इसी तरह की खामियां सामने आ चुकी हैं। ऐसे में लगातार सामने आ रहे मामलों से निर्माण एजेंसियों और गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
वहीं रेलवे अधिकारियों का कहना है कि क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराई जा रही है और स्थायी समाधान के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
लाइफलाइन: पहली ही बारिश में सामने आई इन खामियों ने निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि रेलवे केवल मरम्मत तक सीमित रहता है या पूरे मामले की तकनीकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई भी करता है।
