Child Marriage in Balod Raises Questions on Administrative Lapses
छत्तीसगढ़: के Balod जिले में बाल विवाह का एक मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, ब्लॉक डौंडी के ग्राम भर्रिटोला में एक नाबालिग की शादी का आयोजन किया गया, जबकि उसकी उम्र को लेकर स्पष्ट जानकारी पहले से मौजूद थी। इसके बावजूद विवाह का खुलेआम आयोजन होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है।
बताया जा रहा है कि शादी का निमंत्रण पत्र भी सार्वजनिक रूप से वितरित किया गया था, जिसमें पूरे कार्यक्रम की जानकारी दी गई थी। इससे यह साफ है कि यह घटना छिपाकर नहीं, बल्कि खुले तौर पर आयोजित की गई।
कानून के अनुसार बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है और इसमें शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। इसके बावजूद समय रहते रोकथाम न होना प्रशासनिक सतर्कता की कमी को दर्शाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई नहीं होती, तो यह न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि समाज में गलत संदेश भी जाता है।
फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
