Brother-in-Law Gets Life Imprisonment For Murder After Five Years, Father Also Convicted
साले की हत्या मामले में बड़ा फैसला, जीजा को उम्रकैद और सहयोगी पिता को तीन साल की सजा
सूरजपुर। सूरजपुर जिले के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में हुए बहुचर्चित हत्या मामले में न्यायालय ने पांच वर्ष बाद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने साले की हत्या के दोषी जीजा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जबकि मामले में सहयोगी पाए गए आरोपी के पिता को तीन वर्ष के कारावास से दंडित किया गया है।
अभियोजन के अनुसार, मृतक सुरेंद्र, जो रामानुजनगर थाना क्षेत्र के हनुमानगढ़ गांव का निवासी था, अपने जीजा के घर गया हुआ था। बाद में वह अपने जीजा के साथ विंध्याचल गांव आया था। इसी दौरान दोनों के बीच विवाद हो गया।
जांच में सामने आया कि विवाद के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर लकड़ी से हमला कर सुरेंद्र को गंभीर रूप से घायल कर दिया और बाद में उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को दूरस्थ क्षेत्र में फेंक दिया गया था।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और अन्य प्रमाणों के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कई महत्वपूर्ण साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए।
प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी जीजा को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं मामले में सहयोग करने के आरोप में आरोपी के पिता को भी तीन वर्ष के कारावास की सजा दी गई।
न्यायालय के फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने संतोष व्यक्त किया है। पुलिस अधिकारियों ने भी कहा कि गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए प्रभावी जांच और साक्ष्य संकलन बेहद महत्वपूर्ण होता है।
करीब पांच वर्षों तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले को मामले में न्याय की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
