वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका ने गुरुवार तड़के ईरान के कई इलाकों में नए सैन्य हमले किए, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई। इन हमलों से कुछ घंटे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया था कि ईरान के साथ लागू युद्धविराम अब समाप्त हो सकता है।
चाबहार और कोनारक में कई धमाके
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, दक्षिणी बंदरगाह शहर चाबहार में हमलों के बाद बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। चाबहार और कोनारक में करीब 10 धमाकों की आवाजें सुनी गईं। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई है। चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, जहां भारत ने बड़े स्तर पर निवेश किया है।
अमेरिका ने ईरान पर लगाया आरोप
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बयान जारी कर कहा कि हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से गुजर रहे व्यावसायिक जहाजों और उनके चालक दल पर हुए हमलों के लिए ईरान जिम्मेदार है। अमेरिका का कहना है कि उसकी सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य समुद्री मार्गों की सुरक्षा बनाए रखना है।
बुशहर में भी सुनाई दिए धमाके
ईरान की अर्ध-सरकारी फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, बुशहर शहर में भी धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका कि विस्फोट किस स्थान पर हुए। बुशहर में ईरान का प्रमुख परमाणु ऊर्जा संयंत्र मौजूद है। वहीं, नूर न्यूज एजेंसी ने दावा किया कि परमाणु संयंत्र पूरी तरह सुरक्षित है और उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
ट्रंप ने दी कड़ी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को निशाना बनाना जारी रखता है, तो अमेरिका पहले से अधिक सख्त जवाब देगा। ट्रंप ने दावा किया कि हालिया कार्रवाई ईरान द्वारा जहाजों पर किए गए हमलों का जवाब है और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराए जाने पर हालात और गंभीर हो सकते हैं।
ईरान ने जवाबी कार्रवाई के दिए संकेत
हालांकि 17 जून को दोनों देशों ने युद्ध समाप्त करने और स्थायी शांति की दिशा में आगे बढ़ने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन ताजा घटनाक्रम ने उस प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल से जुड़ी नूर न्यूज एजेंसी ने दावा किया है कि ईरानी सेना जल्द ही क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई कर सकती है। इससे पश्चिम एशिया में एक बार फिर बड़े सैन्य टकराव की आशंका बढ़ गई है।
