मुनिराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा है कि तुंगभद्रा बांध के नए स्पिलवे गेटों का उद्घाटन एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के सूखा प्रभावित क्षेत्रों के किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा।
कर्नाटक के मुनिराबाद में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे पालमूरु, कर्नूल और अनंतपुर के किसानों की समस्याओं से भली-भांति परिचित हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए स्पिलवे गेटों के निर्माण से जल प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
रेवंत रेड्डी ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की सराहना करते हुए कहा कि वे जनता की समस्याओं को समझने वाले नेता हैं। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के बीच लंबे समय से चले आ रहे जल विवादों के समाधान की दिशा में सकारात्मक प्रगति हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजोलीबांडा डायवर्जन स्कीम (आरडीएस) से जुड़े किसानों को न्याय मिलने की उम्मीद है। उन्होंने विश्वास जताया कि तीनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय से जल संसाधनों का न्यायसंगत उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।
रेवंत रेड्डी ने बताया कि तुंगभद्रा परियोजना से तेलंगाना को मिलने वाले 10 टीएमसी पानी का मुद्दा अभी भी लंबित है। इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटील से चर्चा की है और उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि तुंगभद्रा बांध में गाद निकासी सहित अन्य तकनीकी समस्याओं के समाधान पर भी विचार-विमर्श हुआ है। इन मुद्दों के समाधान से जल भंडारण क्षमता बढ़ेगी और किसानों को अधिक लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तुंगभद्रा नदी के तट पर हुई यह बैठक और चर्चा अंतरराज्यीय जल विवादों के स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी, जिससे तीनों राज्यों के किसानों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
