Eid al-Adha Celebrated Across India With Spirit Of Sacrifice, Faith And Togetherness
देशभर: में आज ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार धार्मिक श्रद्धा, भाईचारे और इंसानियत के संदेश के साथ मनाया जा रहा है। मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह से नमाज अदा करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी।
ईद-उल-अजहा इस्लाम धर्म में कुर्बानी, त्याग और अल्लाह के प्रति समर्पण का प्रतीक माना जाता है। इस पर्व की परंपरा हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम से जुड़ी हुई है, जिन्होंने अल्लाह के हुक्म पर अपनी सबसे प्रिय चीज कुर्बान करने की तैयारी दिखाई थी। इसी याद में मुसलमान कुर्बानी की रस्म अदा करते हैं।
इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, कुर्बानी का उद्देश्य केवल धार्मिक परंपरा निभाना नहीं, बल्कि समाज में इंसानियत, बराबरी और जरूरतमंदों की मदद का संदेश देना भी है। कुर्बानी के बाद गोश्त को तीन हिस्सों में बांटा जाता है — एक हिस्सा अपने लिए, दूसरा रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए और तीसरा गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के लिए रखा जाता है।
ईद का त्योहार केवल इबादत तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसमें परिवार, रिश्ते और मोहब्बत की भी खास झलक दिखाई देती है। घरों में सेवइयां, बिरयानी और पारंपरिक पकवानों की खुशबू फैल जाती है। बच्चे नए कपड़े पहनकर त्योहार की खुशियों में शामिल होते हैं और बाजारों में भी रौनक देखने को मिलती है।
देश के कई शहरों में प्रशासन द्वारा सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी बनाए हुए हैं ताकि त्योहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके।
ईद-उल-अजहा का यह पर्व एक बार फिर समाज को आपसी प्रेम, भाईचारे और इंसानियत का संदेश दे रहा है।
