महोबा। महोबा कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पुलिस की कार्रवाई से नाराज एक पीड़ित हाथ में डीजल की बोतल और माचिस लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंच गया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए पीड़ित के हाथ से डीजल की बोतल ले ली और स्थिति को संभाला।
मामला मारगपुरा गांव निवासी प्रमोद कुमार से जुड़ा है। पीड़ित का आरोप है कि बीती 11 अगस्त की रात उसके घर से करीब 8 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात चोरी हो गए थे। घटना की शिकायत पनवाड़ी थाने में दर्ज कराई गई थी।
प्रमोद कुमार का आरोप है कि पुलिस ने मामले में दो कथित चोरों को गिरफ्तार किया है, लेकिन चोरी के पूरे माल की बरामदगी नहीं हुई है। उनका दावा है कि चोरी का सामान खरीदने वाले सुनार और अन्य आरोपियों के खिलाफ भी प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
न्याय की मांग को लेकर पीड़ित अपने परिजनों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचा था। हाथ में डीजल और माचिस देखकर वहां मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। इससे पहले कि पीड़ित कोई आत्मघाती कदम उठाता, कर्मचारियों ने उसके हाथ से डीजल की बोतल छीन ली।
पीड़ित ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि थाने और चौकियों के चक्कर लगाने के बावजूद उसे केवल आश्वासन मिला। उसका कहना है कि चोरी के जेवरात किसे बेचे गए, इसका खुलासा होना चाहिए और पूरा माल बरामद कराया जाना चाहिए।
वहीं, पीड़ित की बहू रजनी ने भी आरोप लगाया कि करीब 8 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात चोरी हुए थे, लेकिन अभी तक उनका सामान बरामद नहीं हुआ है।
पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की विशेष जांच टीम (SIT) से जांच कराने, चोरी की वारदात का पूर्ण खुलासा करने, जेवरात बरामद कराने और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
रिपोर्ट: गुलाब सिंह कुशवाहा
लोकेशन: महोबा, उत्तर प्रदेश
