लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलकर परशुराम पुरी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगा दी गई।
जलालाबाद का नाम बदलने की प्रक्रिया कई वर्षों पहले शुरू हुई थी। शाहजहांपुर नगर पालिका परिषद ने मार्च 2018 और सितंबर 2023 में आयोजित बोर्ड बैठकों में नाम परिवर्तन का प्रस्ताव पारित किया था। इसके बाद तत्कालीन जिलाधिकारी ने अपनी संस्तुति के साथ यह प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा, जिसे आगे केंद्र सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा गया।
केंद्र सरकार ने 20 अगस्त 2025 को नाम परिवर्तन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की थी। अब राज्य कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद जलालाबाद का आधिकारिक नाम परशुराम पुरी कर दिया गया है।
सरकार के अनुसार, यह क्षेत्र भगवान परशुराम की जन्मस्थली माना जाता है। यहां भगवान परशुराम का एक प्राचीन मंदिर भी स्थित है, जिसके चलते लंबे समय से इस स्थान का नाम उनके नाम पर रखने की मांग की जा रही थी।
वहीं, जलालाबाद नाम को लेकर भी कई ऐतिहासिक मान्यताएं प्रचलित हैं। स्थानीय लोगों के एक वर्ग का मानना है कि मुगल सम्राट जलालुद्दीन अकबर के सम्मान में इस कस्बे का नाम जलालाबाद रखा गया था।
इतिहासकारों के अनुसार, मुगल शासनकाल में यह क्षेत्र दिल्ली, अवध और बंगाल को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों के निकट स्थित होने के कारण सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था। अकबर के शासनकाल में यहां मुगल अधिकारियों की तैनाती की गई थी और इसे सैन्य व प्रशासनिक केंद्र के रूप में विकसित किया गया था, जहां सेना के आवागमन और ठहराव की व्यवस्था रहती थी।
