Toxic Illicit Liquor Racket in Deori: Pond Turns into ‘Death Trap’, Questions on Administration
शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत देवरी से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां जीवन देने वाला पानी अब मौत का कारण बनता नजर आ रहा है। गांव का तालाब कथित तौर पर अवैध कच्ची महुआ शराब बनाने का अड्डा बन गया है, जिससे पूरे इलाके में खतरा बढ़ गया है।
बताया जा रहा है कि इस तालाब में बड़ी मात्रा में महुआ का लाहन सड़ने के लिए डुबाया जा रहा है। यही लाहन बाद में अवैध शराब बनाने में इस्तेमाल होता है। तालाब के किनारे रात के अंधेरे में भट्टियां जलती हैं, जहां जहरीली कच्ची शराब तैयार की जाती है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह अवैध कारोबार गांव से महज 100 मीटर की दूरी पर खुलेआम संचालित हो रहा है। तालाब पर कब्जा कर पानी को दूषित किया जा रहा है, जिससे न केवल पर्यावरण बल्कि ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
इससे पहले भी देवरी-खोरसी के जंगलों में अवैध शराब निर्माण का मामला सामने आ चुका है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर अब तक ठोस परिणाम नहीं दिखे हैं। ऐसे में प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।
पुलिस और आबकारी विभाग की ओर से लगातार कार्रवाई के दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से अलग नजर आ रही है।
इस पूरे मामले पर एडिशनल एसपी उमेश कश्यप ने कार्रवाई के लिए टीम गठित करने की बात कही है। अब देखना होगा कि यह कार्रवाई सिर्फ आश्वासन तक सीमित रहती है या वास्तव में इस अवैध और खतरनाक नेटवर्क पर लगाम लगाई जाती है।
यह मामला सिर्फ कानून व्यवस्था का नहीं, बल्कि आम लोगों की जिंदगी और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुका है।
