मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब ने पहली बार अमेरिका के साथ मिलकर इराक में ईरान समर्थित पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्स (PMF) के ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मंगलवार रात किए गए इन हवाई हमलों में 20 लड़ाकों की मौत हुई, जबकि 32 अन्य घायल हो गए।
अमेरिकी सेना का कहना है कि जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया, वहां से अमेरिकी सैनिकों और सऊदी अरब के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर संभावित हमलों की तैयारी की जा रही थी। हमले के कुछ घंटों बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, सभी मिसाइलों को रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर लिया गया और किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
इधर, यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के बंदरगाहों से जुड़े जहाजों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है। इसके बाद चीन ने अपने तेल टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हूती प्रतिनिधियों से सीधे बातचीत की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन के कम से कम चार तेल टैंकर इस मार्ग से सुरक्षित गुजर चुके हैं और प्रत्येक जहाज के लिए अलग-अलग मंजूरी ली गई थी।
हालांकि, चीन के विदेश मंत्रालय ने इस बातचीत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। वहीं, हूतियों की चेतावनी के बाद सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए कई शिपिंग कंपनियों ने अपने जहाजों के समुद्री मार्ग में बदलाव भी किया है।
नोट: इस तरह की खबरों में कई दावे युद्धरत पक्षों या मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित होते हैं। स्वतंत्र रूप से सभी दावों की पुष्टि होना हमेशा संभव नहीं होता, इसलिए आधिकारिक पुष्टि और विश्वसनीय स्रोतों से अपडेट का इंतजार करना महत्वपूर्ण है।
