उज्जैन। सिंहस्थ-2028 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आपदा मुक्त बनाने की दिशा में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में उज्जैन स्थित कालिदास अकादमी में होमगार्ड, सिविल डिफेंस और आपदा मित्रों का विशेष समागम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में होमगार्ड विभाग की डीजीपी सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने सहभागिता की। आयोजन का उद्देश्य सिंहस्थ-2028 के दौरान सेवा देने वाले होमगार्ड, सिविल डिफेंस और आपदा मित्रों को समय रहते प्रशिक्षित कर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार करना है।
अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2016 के सिंहस्थ में होमगार्ड और स्वयंसेवकों ने भीड़ प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सहायता, आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उसी अनुभव के आधार पर इस बार और अधिक व्यापक रणनीति तैयार की जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों को जनसेवा, अनुशासन, आपदा प्रबंधन और बेहतर समन्वय का संकल्प दिलाया गया। अधिकारियों ने बताया कि आगामी समय में प्रशिक्षण कार्यक्रमों का दायरा और बढ़ाया जाएगा, ताकि प्रत्येक वॉलंटियर किसी भी चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना कर सके।
डीजीपी ने कहा कि सिंहस्थ जैसे विश्वस्तरीय आयोजन में होमगार्ड, सिविल डिफेंस और आपदा मित्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए नियमित प्रशिक्षण, मॉक ड्रिल और क्षमता विकास कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने भविष्य में होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया शुरू किए जाने के भी संकेत दिए।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में होमगार्ड जवान, सिविल डिफेंस के सदस्य, आपदा मित्र तथा विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
