National Tribal Games: “Terror of Dogs” exposes security claims
अंबिकापुर। खेलो इंडिया के तहत आयोजित नेशनल ट्राइबल गेम्स में जहां एक ओर देशभर से आए खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं का दावा किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत ने इन दावों की पोल खोल दी है। अंबिकापुर के गांधी स्टेडियम में आवारा कुत्तों का आतंक देखने को मिला, जिससे खिलाड़ियों और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया।
गांधी स्टेडियम, जो इन दिनों राष्ट्रीय स्तर की इस महत्वपूर्ण प्रतियोगिता का केंद्र बना हुआ है, वहां सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम होने की बात कही जा रही थी। लेकिन स्टेडियम परिसर में खुलेआम घूमते आवारा कुत्तों ने इन व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए पहुंचे लोग हों या प्रतियोगिता में भाग लेने आए खिलाड़ी—हर कोई इस स्थिति से असहज और भयभीत नजर आया।
बताया जा रहा है कि इस प्रतियोगिता में देश के 30 राज्यों से डेढ़ सौ से अधिक खिलाड़ी और कोच हिस्सा लेने पहुंचे हैं। ऐसे में खिलाड़ियों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए थे। लेकिन स्टेडियम के भीतर ही कुत्तों के झुंड का प्रवेश और उत्पात इस बात का संकेत है कि व्यवस्थाओं में कहीं न कहीं बड़ी चूक हुई है।
खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर का माहौल देने की बात करने वाले आयोजकों के लिए यह घटना एक बड़ा सवाल बनकर सामने आई है। अगर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में ही इस तरह की लापरवाही सामने आए, तो खिलाड़ियों की सुरक्षा और आयोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठना लाजमी है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार कर खिलाड़ियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जाता है या नहीं। फिलहाल, नेशनल ट्राइबल गेम्स में ‘कुत्तों का आतंक’ चर्चा का बड़ा विषय बन चुका है।
