उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले के चायल तहसील क्षेत्र स्थित मादपुर गांव में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि फैक्ट्री पूरी तरह जमींदोज हो गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 22 लोग झुलस गए हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज अस्पताल में जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर करीब 12:30 बजे फैक्ट्री में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ। धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी और देखते ही देखते फैक्ट्री मलबे में तब्दील हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग सबसे पहले राहत कार्य में जुटे और घायलों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
विस्फोट का असर आसपास के रिहायशी इलाके पर भी पड़ा। प्रशासन के अनुसार, करीब 100 मीटर के दायरे में स्थित 8 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें से 3 मकान पूरी तरह ढह गए। आशंका जताई जा रही है कि मलबे के नीचे अभी भी कुछ लोग दबे हो सकते हैं, जिसके चलते राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, एयरफोर्स और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमें मौके पर तैनात हैं। करीब 200 से अधिक जवान राहत कार्य में जुटे हैं। डॉग स्क्वायड और 8 बुलडोजरों की मदद से मलबा हटाकर फंसे लोगों की तलाश की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि रेस्क्यू ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा, जब तक यह पूरी तरह सुनिश्चित नहीं हो जाता कि मलबे में कोई व्यक्ति फंसा नहीं है।
घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, इसलिए मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल विस्फोट के कारणों का आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं और विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।
इस भीषण हादसे ने पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना, घायलों का समुचित इलाज कराना और घटना के कारणों की निष्पक्ष जांच कराना है।
