कुशीनगर। खड्डा क्षेत्र में नारायणी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। नदी के ठोकर नंबर-3 सहित संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है, जबकि निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है।
प्रशासन की ओर से उपजिलाधिकारी (SDM), क्षेत्राधिकारी (CO), थाना अध्यक्ष (SHO) और खंड विकास अधिकारी (BDO) ने स्टीमर के माध्यम से नारायणी नदी का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने नदी के किनारे-किनारे भ्रमण कर जलस्तर और बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया।
प्रशासन के अनुसार, नेपाल में नदियों के बढ़ते जलस्तर के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। इसी को देखते हुए कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर तथा बिहार के गोपालगंज सहित कई क्षेत्रों के लिए सतर्कता बरती जा रही है।
संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने 72 घंटे का अलर्ट जारी किया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सायरन के माध्यम से चेतावनी दी जा रही है और उन्हें अपने परिवार तथा पशुओं के साथ सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने लोगों से नदी के किनारे अनावश्यक रूप से न जाने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
रिपोर्ट: सुबाष पटेल, कुशीनगर
