Middle East War Enters Dangerous Phase on Day 37, US-Iran Tensions Rise
तेहरान/वॉशिंगटन: ईरान के साथ जारी संघर्ष में अमेरिका को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, युद्ध के पहले 20 दिनों में अमेरिका के कम से कम 16 सैन्य विमान नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे उसकी सैन्य रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं।
इन नुकसानों में बड़ी संख्या MQ-9 रीपर ड्रोन की है, जिन्हें ईरानी सुरक्षा बलों ने निशाना बनाया। इसके अलावा कुछ अन्य विमान हमलों और दुर्घटनाओं में क्षतिग्रस्त हुए हैं। शुरुआती दिनों में ही तीन F-15 लड़ाकू विमान कुवैत में फ्रेंडली फायर की चपेट में आकर गिर गए थे।
इसके बाद एक अमेरिकी एयर टैंकर KC-135 इराक में ऑपरेशन के दौरान क्रैश हो गया, जिसमें चालक दल के सभी छह सदस्यों की मौत हो गई। वहीं सऊदी अरब के प्रिंस सलमान एयर बेस पर खड़े पांच विमानों को ईरानी मिसाइल हमले में नुकसान पहुंचा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई रीपर ड्रोन हवा में ही मार गिराए गए, जबकि एक ड्रोन जॉर्डन के एयरफील्ड पर बैलिस्टिक मिसाइल की चपेट में आ गया। इस बीच एक अत्याधुनिक F-35 फाइटर जेट को भी निशाना बनाया गया, जिसे बाद में सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े स्तर पर चलाए जा रहे ऑपरेशन के कारण नुकसान बढ़ा है। यह नुकसान अमेरिका के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि 2011 के लीबिया ऑपरेशन के दौरान भी इतनी हानि नहीं हुई थी।
इस घटनाक्रम से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भी दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है, जबकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने नुकसान के विस्तृत आकलन पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
