बागपत के लहचौड़ा गांव में गणेश मंदिर के अंदर दो दोस्तों को जिंदा दफनाने के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी महंत नरेश नाथ को पुलिस ने कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है। 25 हजार रुपये के इनामी नरेश नाथ को पुलिस ने भिक्षुक के भेष में भीख मांगते हुए पकड़ा।
पुलिस के मुताबिक अंकित और इसरार 25 जुलाई को लापता हुए थे। करीब तीन सप्ताह बाद 13 अगस्त को दोनों के शव मंदिर परिसर में गड्ढे में दबे मिले थे। जांच में आरोप महंत नरेश नाथ और उसके दो शिष्यों पर लगा। पुलिस का दावा है कि दोनों को पहले नशीली चाय पिलाई गई, फिर नशीले इंजेक्शन देकर मंदिर के अंदर गड्ढे में दफना दिया गया।
महंत के दोनों शिष्यों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि मुख्य आरोपी वारदात के बाद फरार था। कई राज्यों में तलाश के बाद बागपत पुलिस को उसके कोलकाता में भिक्षुक बनकर रहने की सूचना मिली। टीम ने दबिश देकर नरेश नाथ को गिरफ्तार कर लिया।
एसपी सूरज राय के मुताबिक आरोपी को बागपत लाया जा रहा है। पूछताछ के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट: मेहंदी हसनस्थान: बागपत, उत्तर प्रदेश
