After Iran Ceasefire, Trump Signals New Front, Targets NATO and Eyes Greenland
ईरान: में दो हफ्तों के सीजफायर के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने वैश्विक राजनीति में नया संकेत देते हुए NATO और ग्रीनलैंड को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उनके बयानों से अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
सीजफायर के एक दिन बाद ट्रंप ने NATO के महासचिव Mark Rutte के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने ईरान युद्ध में NATO देशों से अपेक्षित सहयोग न मिलने पर नाराजगी जाहिर की। ट्रंप ने कहा कि जरूरत के समय NATO ने साथ नहीं दिया और इसे लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर भी अपनी नाराजगी व्यक्त की।
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका इस ट्रांस-अटलांटिक सैन्य गठबंधन से बाहर निकलने पर विचार कर सकता है, हालांकि उन्होंने कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
इसी बीच ट्रंप ने एक बार फिर Greenland को लेकर अपनी रुचि जाहिर की है। उन्होंने संकेत दिए कि यह क्षेत्र अमेरिका के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम है और भविष्य में इस पर नियंत्रण की कोशिश की जा सकती है।
ग्रीनलैंड की सुरक्षा और विदेश नीति फिलहाल Denmark के अधीन है। डेनमार्क की प्रधानमंत्री Mette Frederiksen पहले ही अमेरिका की ऐसी किसी भी कोशिश का विरोध कर चुकी हैं। यूरोप के अन्य देशों ने भी इस मुद्दे पर आपत्ति जताई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, आर्कटिक क्षेत्र में स्थित ग्रीनलैंड की रणनीतिक स्थिति इसे समुद्री मार्गों, ऊर्जा संसाधनों और सैन्य निगरानी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण बनाती है।
ट्रंप के हालिया बयानों से यह साफ संकेत मिल रहा है कि अमेरिका अब आर्कटिक क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ सकता है, जिससे आने वाले समय में यूरोप और अमेरिका के रिश्तों में और तनाव देखने को मिल सकता है।
