आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के सदर तहसील अंतर्गत चोर नगरिया गांव में राजस्व विभाग की कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि घर में जवान बेटे की उठवानी चल रही थी, उसी दौरान प्रशासन ने खेत में पहुंचकर खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चलवाया और एकतरफा तरीके से जमीन की पैमाइश कर दी।
पीड़ित परिवार के अनुसार, मामला जमीन के बंटवारे से जुड़ा है और कमिश्नर कोर्ट में विचाराधीन है। इसके बावजूद सदर एसडीएम के आदेश पर धारा 116 के तहत राजस्व विभाग की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान सदर तहसीलदार नेकपाल और पुलिस बल भी मौजूद था।
परिवार का आरोप है कि उन्हें इस कार्रवाई की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई। उनका कहना है कि जमीन की पैमाइश के दौरान सभी संबंधित पक्षों की मौजूदगी जरूरी होती है, लेकिन प्रशासन ने कथित रूप से केवल एक पक्ष की मौजूदगी में ही पूरी कार्रवाई कर दी।
ग्रामीणों और पीड़ित परिवार का यह भी आरोप है कि खेत में खड़ी बाजरा, तोरई और चरी की फसल पर ट्रैक्टर चलाकर उसे नुकसान पहुंचाया गया, जिससे किसानों को आर्थिक क्षति हुई।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और फसल के नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि मामले की शिकायत मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों से भी की जाएगी।
लाइफलाइन: फिलहाल ये आरोप पीड़ित परिवार की ओर से लगाए गए हैं। प्रशासन की ओर से इस मामले में विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
