फतेहपुर। लगातार हो रही बारिश के कारण ससुर खदेरी नदी नंबर-2 उफान पर है। नदी पर बना रपटा पुल जलमग्न होने से पौली, गढ़वापर समेत आसपास के करीब एक दर्जन गांवों का खागा तहसील मुख्यालय और बाजारों से संपर्क टूट गया है।
आवागमन बाधित होने के बाद ग्रामीणों ने मजबूरी में गन्ने का रस पकाने वाली लोहे की कड़ाही (कड़ाव) को ही नाव बना लिया है। रस्सी के सहारे नदी पार कर लोग अपनी जान जोखिम में डालकर रोजमर्रा के कामों के लिए आ-जा रहे हैं।
ग्रामीण दिनेश निषाद ने बताया कि पुल डूबने से आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। वहीं चंद्रपाल निषाद और छेद्दू निषाद ने कहा कि बच्चों की पढ़ाई और बाजार आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। अंगद यादव और मुराली के अनुसार, पौली, गढ़वा, सधुवापुर, तक्कीपुर, रारी सहित करीब एक दर्जन गांवों के लोग इसी पुल पर निर्भर हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लंबे समय तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
मामले में खागा एसडीएम अश्वनी पांडेय ने बताया कि सूचना मिलते ही तहसीलदार और राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि लोगों की आवाजाही की वैकल्पिक व्यवस्था जल्द की जाएगी तथा नदी का जलस्तर कम होने तक ग्रामीणों से दूसरे सुरक्षित मार्गों का उपयोग करने की अपील की गई है।
रिपोर्ट: रिजवान उददीन, जिला संवाददाता, फतेहपुर।
