विशाखापट्टनम। आंध्र प्रदेश के भोगापुरम स्थित अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन समारोह के अवसर पर शनिवार को भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत उत्तर आंध्र के प्रसिद्ध आदिवासी थिंसा लोक नृत्य से किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार, इस विशेष प्रस्तुति में करीब 13 हजार आदिवासी बालिकाएं और महिलाएं एक जैसी पारंपरिक वेशभूषा में एक साथ थिंसा नृत्य प्रस्तुत करेंगी। यह उत्तर आंध्र की आदिवासी संस्कृति, लोक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रमुख प्रतीक माना जाता है।
प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए एक पारंपरिक ओड़िया लोकगीत भी प्रस्तुत किया जाएगा। इस लोकगीत में आदिवासी समाज की जीवनशैली, फसलों के आदान-प्रदान और युवक-युवतियों के बीच होने वाले हास्यपूर्ण संवाद को दर्शाया गया है। गीत में एक युवक युवती से कहता है कि वह उसे रागी का जावा देगा, बदले में क्या वह उसे अच्छा चावल देगी। इस पर युवती मुस्कुराते हुए जवाब देती है कि यदि वह ढोल की थाप पर थिंसा नृत्य करेगा, तभी उसे चावल मिलेगा।
इसी लोकगीत पर शुक्रवार को आदिवासी महिलाओं और छात्राओं ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए भी सामूहिक प्रस्तुति दी थी। अब शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में उसी गीत की धुन पर हजारों कलाकारों द्वारा एक साथ थिंसा नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा।
इस आयोजन को उत्तर आंध्र की समृद्ध आदिवासी संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
