राजनांदगांव: जिले की घुमका तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत पटेवा में सरकारी घास भूमि पर किए गए कथित अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने निर्माणाधीन मकान पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की है। ग्रामीणों की लगातार शिकायतों और विरोध के बाद हुई इस कार्रवाई ने प्रशासन और पंचायत की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, सरकारी घास भूमि पर निर्माण की शिकायत लंबे समय से तहसील, एसडीएम, कलेक्टर, जनप्रतिनिधियों और मुख्यमंत्री तक की गई थी। इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा। बाद में विरोध बढ़ने पर पंचायत ने भी माना कि निर्माण सरकारी घास भूमि पर हो रहा है। इसके बाद एसडीएम के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन के पहुंचने से पहले अधिकांश निर्माण हटवा दिए गए थे और कार्रवाई के दौरान केवल एक निर्माणाधीन मकान पर ही बुलडोजर चलाया गया। उनका दावा है कि पटवारी के पंचनामे में तीन निर्माणाधीन मकानों और एक नींव खुदाई का उल्लेख दर्ज है। ऐसे में ग्रामीण अन्य निर्माणों पर हुई कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं।
सरपंच लक्ष्मी वर्मा और सरपंच प्रतिनिधि रविलाल वर्मा का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद पंचायत ने प्रशासन को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा था। उनका कहना है कि जिस परिवार का निर्माण हटाया गया, वह आर्थिक रूप से कमजोर है, उसके पास स्वयं की जमीन नहीं है और उसका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना में स्वीकृत है। पंचायत का कहना है कि शासन के नियमों के तहत उस परिवार को वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
इस कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि निर्माण अवैध था तो उसे शुरुआत में ही क्यों नहीं रोका गया। वहीं लोगों की निगाहें अब इस बात पर हैं कि क्या प्रशासन केवल अतिक्रमण हटाने तक सीमित रहेगा या लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी। साथ ही प्रभावित परिवार के पुनर्वास और वैकल्पिक आवास को लेकर भी प्रशासन क्या कदम उठाता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों और अन्य निर्माणों को लेकर किए गए दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
