KGMU Declares Six Shrines Illegal, Demolition Action Likely Soon
लखनऊ। राजधानी के किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) परिसर में स्थित छह मजारों को अवैध और लावारिस घोषित किए जाने के बाद उन्हें हटाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपनी जांच रिपोर्ट रजिस्ट्रार को सौंपते हुए संबंधित संरचनाओं को हटाने की संस्तुति की है।
बताया जा रहा है कि परिसर में मौजूद कुल आठ मजारों की जांच की गई थी, जिनमें से दो को वैध पाया गया, जबकि छह मजारों के संबंध में कोई वैध दस्तावेज या स्वामित्व संबंधी प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद प्रशासन ने उन्हें अवैध घोषित कर दिया।
केजीएमयू प्रशासन के अनुसार, संबंधित पक्षों को दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कई बार नोटिस जारी किए गए थे। पहला नोटिस 22 जनवरी 2025, दूसरा 9 फरवरी और तीसरा 4 अप्रैल को भेजा गया था। हालांकि निर्धारित तिथियों पर कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित नहीं हुआ।
विश्वविद्यालय के प्रवक्ता प्रो. के.के. सिंह ने बताया कि जांच के दौरान यह भी पाया गया कि विवादित मजारों का निर्माण अपेक्षाकृत हाल के वर्षों में किया गया है। निर्माण में उपयोग की गई ईंट, टाइल्स और अन्य सामग्री इसके संकेत देती हैं। प्रशासन का कहना है कि ये संरचनाएं अस्पताल परिसर में मरीजों और तीमारदारों के आवागमन मार्ग में भी बाधा उत्पन्न कर रही हैं।
केजीएमयू ने इस संबंध में राज्य सरकार को भी अवगत करा दिया है और अंतिम प्रशासनिक मंजूरी मांगी है। विश्वविद्यालय का कहना है कि पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की उपलब्धता के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि अस्पताल परिसरों में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर हाल के वर्षों में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में परिसर के भीतर स्थित विभिन्न संरचनाओं की समीक्षा की गई थी, जिसके बाद यह निर्णय सामने आया है।
