Villagers Depend On Water Tankers As Tap Water Scheme Remains Defunct For Four Years
पेयजल संकट से जूझ रहा फाल्या, चार साल से ठप नल-जल योजना पर उठे सवाल
खरगोन। जिले के कसरावद क्षेत्र की ग्राम पंचायत झिरन्या के फूल सिंह फाल्या में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। यहां नल-जल योजना पिछले चार वर्षों से बंद पड़ी है, जिसके कारण सैकड़ों ग्रामीणों को पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल प्रशासन ने टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था शुरू की है, लेकिन ग्रामीण इसे स्थायी समाधान नहीं मान रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, करीब 35 मकानों और लगभग 500 लोगों की आबादी वाले इस आदिवासी बहुल क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल की नियमित व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि नल-जल योजना के तहत पानी की टंकी तो बनाई गई, लेकिन वर्षों से घरों तक पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई।
पानी की समस्या गंभीर होने के बाद प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में टैंकर भेजना शुरू किया है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि टैंकरों से मिलने वाला पानी पर्याप्त नहीं है और कई बार उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। कुछ परिवारों को मजबूरी में अन्य स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि बंद पड़ी नल-जल योजना को जल्द शुरू किया जाए और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को टैंकरों पर निर्भर न रहना पड़े। उनका कहना है कि गर्मी के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है।
इस संबंध में जनपद पंचायत के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल प्रभावित क्षेत्र में पानी के टैंकर भेजकर राहत पहुंचाई जा रही है। साथ ही नल-जल योजना को व्यवस्थित कर स्थायी समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि वर्षों पुरानी इस समस्या का जल्द समाधान होगा और उन्हें स्वच्छ पेयजल की नियमित सुविधा मिल सकेगी।
