65-Year-Old Farmer Survives Bear Attack After 10-Minute Life-And-Death Battle
पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से साहस और जिजीविषा की एक अद्भुत कहानी सामने आई है। अजयगढ़ क्षेत्र के एक गांव में 65 वर्षीय बुजुर्ग किसान ने जंगली भालू के हमले का डटकर सामना किया और करीब 10 मिनट तक चले संघर्ष के बाद अपनी जान बचाने में सफल रहे। इस घटना के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, घटना अजयगढ़ क्षेत्र के भापतपुर (मजरा पथरियान) गांव की है। गांव निवासी 65 वर्षीय पुरषोत्तम आदिवासी सुबह शौच के लिए घर से बाहर गए थे। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे एक जंगली भालू ने उन पर अचानक हमला कर दिया।
अचानक हुए हमले से घबराने के बजाय पुरषोत्तम ने साहस का परिचय दिया और भालू से मुकाबला शुरू कर दिया। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, करीब 10 मिनट तक दोनों के बीच संघर्ष चलता रहा। इस दौरान भालू ने उनके हाथ को बुरी तरह घायल कर दिया, लेकिन बुजुर्ग ने हिम्मत नहीं हारी।
बताया जा रहा है कि पुरषोत्तम लगातार शोर मचाते रहे और भालू से जूझते रहे। आखिरकार उनके प्रतिरोध और शोर-शराबे से घबराकर भालू जंगल की ओर भाग गया। इसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल बुजुर्ग को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल पन्ना रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उनके हाथ में गंभीर चोटें आई हैं, हालांकि उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और जंगली जानवरों की गतिविधियों पर निगरानी रखने की मांग की है।
पुरषोत्तम आदिवासी की बहादुरी की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि उन्होंने साहस नहीं दिखाया होता तो यह घटना और भी दुखद हो सकती थी।
