Unique Akshaya Tritiya Tradition in Balod
छत्तीसगढ़: के Balod जिले में अक्षय तृतीया के अवसर पर बच्चों ने परंपरा और बचपन का खूबसूरत संगम प्रस्तुत किया। गुड्डा-गुड़िया की शादी की इस अनोखी परंपरा ने पूरे माहौल को उत्साह और खुशी से भर दिया।
सुबह से ही बच्चे इस खास आयोजन की तैयारियों में जुटे रहे। किसी ने फूलों का इंतजाम किया तो किसी ने कपड़े तैयार किए। गुड़िया को दुल्हन की तरह सजाकर लाल साड़ी पहनाई गई, वहीं गुड्डे को सेहरा बांधकर दूल्हा बनाया गया।
बच्चों ने घर के बाहर छोटा सा मंडप बनाकर पूरे रीति-रिवाज के साथ विवाह संपन्न कराया। इस दौरान पारंपरिक गीतों और तालियों से माहौल गूंज उठा। बच्चे अपने दोस्तों और पड़ोसियों को घर-घर जाकर शादी में शामिल होने का निमंत्रण देते भी नजर आए।
इस आयोजन को देखकर बुजुर्गों ने भी खुशी जताई और कहा कि ऐसी परंपराएं नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का काम करती हैं।
अक्षय तृतीया के मौके पर बालोद में यह अनोखा नजारा लोगों के दिलों को छू गया और पूरे इलाके में उत्सव का माहौल बना रहा।
