Iran War Pushes U.S. Defense Budget Surge, Trump Seeks $1.5 Trillion
नई दिल्ली/वॉशिंगटन: अमेरिका में 2025 के पहले आठ महीनों के दौरान कानूनी आप्रवासन में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। Donald Trump प्रशासन द्वारा वीज़ा नियमों को कड़ा करने के बाद इस कमी का असर सबसे ज्यादा भारत और चीन पर पड़ा है। The Washington Post की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से अगस्त 2025 के बीच अमेरिका ने पिछले साल की समान अवधि की तुलना में करीब 2.5 लाख कम वीज़ा जारी किए।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, स्थायी और अस्थायी वीज़ा स्वीकृतियों में कुल मिलाकर लगभग 11 प्रतिशत की गिरावट आई है।
भारत और चीन पर सबसे ज्यादा असर
रिपोर्ट के अनुसार, भारत और चीन के नागरिकों को मिलने वाले वीज़ा में सबसे अधिक कमी देखी गई। इन दोनों देशों के लिए कुल मिलाकर करीब 84,000 वीज़ा कम जारी किए गए। यह गिरावट खासतौर पर छात्रों, कामगारों और परिवार आधारित वीज़ा में आई कमी के कारण हुई है।
छात्र वीज़ा में भारी गिरावट
सबसे बड़ा झटका अंतरराष्ट्रीय छात्रों को लगा है। 2025 के पहले आठ महीनों में छात्र वीज़ा की संख्या में 30 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
- 2024 (जनवरी–अगस्त): लगभग 3.44 लाख छात्र वीज़ा
- 2025 (जनवरी–अगस्त): करीब 2.38 लाख छात्र वीज़ा
इसके अलावा एक्सचेंज प्रोग्राम वीज़ा में भी करीब 30,000 की कमी आई है।
गिरावट के पीछे कारण
विश्लेषकों के मुताबिक, इस गिरावट के पीछे कई कारण हैं:
- 19 देशों पर यात्रा प्रतिबंध
- छात्र वीज़ा इंटरव्यू पर अस्थायी रोक
- सोशल मीडिया और बैकग्राउंड की सख्त जांच
- दूतावासों में स्टाफ की कमी
- अपॉइंटमेंट में देरी और लंबा इंतजार
निस्कनेन सेंटर की विशेषज्ञ सेसिलिया एस्टरलाइन का कहना है कि यह साफ नहीं है कि गिरावट में कितना योगदान नीति का है और कितना मांग में कमी का, लेकिन दोनों ही कारक प्रभाव डाल रहे हैं।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर असर की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि वीज़ा प्रतिबंधों का असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। Jason Furman के अनुसार, आप्रवासन अमेरिका की आर्थिक वृद्धि और नवाचार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में कड़े प्रतिबंध भविष्य में श्रमशक्ति और उत्पादकता को प्रभावित कर सकते हैं।
