सीतापुर। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के तंबौर कस्बे में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत की कार्रवाई पर भेदभाव के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अभियान के दौरान जहां अधिकांश दुकानदारों को अतिक्रमण हटाने के लिए दो दिन का समय दिया गया, वहीं दो मोबाइल दुकानों के टीन शेड को मौके पर ही जेसीबी से हटा दिया गया।
जानकारी के अनुसार, गांजर तिराहे पर नगर पंचायत की टीम अधिशासी अधिकारी सुभाष चंद्र सिंह के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। इस दौरान सड़क और नालियों पर किए गए अतिक्रमण को चिन्हित किया गया तथा दुकानदारों और ठेला-पटरी संचालकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए। साथ ही चेतावनी दी गई कि तय समय के बाद प्रशासन कार्रवाई करेगा और आवश्यकता पड़ने पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
इसी बीच स्थानीय लोगों का आरोप है कि अभियान के दौरान दो भाइयों की मोबाइल दुकानों के टीन शेड को तत्काल जेसीबी से तोड़ दिया गया, जबकि अन्य दुकानदारों को दो दिन की मोहलत दी गई। इस कार्रवाई को लेकर कस्बे में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है तो सभी के लिए समान नियम लागू होने चाहिए और किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए।
हालांकि, इस मामले में नगर पंचायत प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। प्रशासन का पक्ष आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित दुकानों पर तत्काल कार्रवाई क्यों की गई।
फिलहाल गांजर तिराहे पर हुई इस कार्रवाई को लेकर कस्बे में चर्चा का माहौल है और लोगों की नजर अब नगर पंचायत के अगले कदम पर बनी हुई है।
रिपोर्ट: नन्द किशोर नाग
स्थान: सीतापुर, उत्तर प्रदेश
