Protest Against Liquor Shop Escalates, Traffic Blocked For Hours In Sausar
सौसर। पिपला नारायणवार में देशी शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन बुधवार को उग्र रूप ले गया। पांच दिनों से जारी धरने के बाद स्थानीय लोगों, महिलाओं, युवाओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया, जिससे पांढुर्णा-सौसर मार्ग पर घंटों यातायात प्रभावित रहा।
जानकारी के अनुसार, पिपला नगर बस स्टैंड के समीप संचालित देशी शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर क्षेत्रवासी लगातार आंदोलन कर रहे हैं। बुधवार दोपहर करीब 3 बजे शुरू हुआ चक्काजाम देर शाम तक जारी रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
आंदोलन में शामिल विधायक विजय चौरे ने आरोप लगाया कि पिछले पांच दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से धरना दिया जा रहा था, लेकिन प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी जनता की समस्याएं सुनने नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि जब लोग सड़क पर उतरकर विरोध करने को मजबूर हुए, तब प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया।
विधायक ने सवाल उठाया कि श्री चमत्कारी हनुमान मंदिर (हनुमान लोक) और जाम सावली सरकार जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के नजदीक शराब दुकान का संचालन कैसे अनुमति प्राप्त कर सकता है। उन्होंने इसे जनभावनाओं के विपरीत बताया।
चक्काजाम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत भी हुई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। प्रदर्शनकारी शराब दुकान को आबादी क्षेत्र से हटाकर अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग पर अड़े रहे।
कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष कैलाश चौधरी ने कहा कि लगभग दो दशक पहले जब शराब दुकान शुरू हुई थी, तब पिपला एक छोटा गांव था। अब यह नगर परिषद बन चुका है और आबादी के साथ-साथ क्षेत्र का विस्तार भी काफी बढ़ गया है। ऐसे में पुराने आधार पर शराब दुकान का संचालन उचित नहीं है।
आंदोलन को समर्थन देने के लिए पांढुर्णा और छिंदवाड़ा से भी कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता पहुंचे। वक्ताओं ने कहा कि यह केवल शराब दुकान का मामला नहीं, बल्कि नगर की सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान से जुड़ा मुद्दा है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कोई निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है, लेकिन लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी साफ दिखाई दे रही है।
