Political Row Over Excise Duty Cut, Congress Targets Government
नई दिल्ली: केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri द्वारा पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये की कटौती की घोषणा के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
इस फैसले को लेकर कांग्रेस नेता Pawan Khera ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इसका सीधा लाभ आम जनता को नहीं मिलेगा, बल्कि यह राहत मुख्य रूप से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को दी गई है।
पवन खेड़ा के अनुसार, उपभोक्ताओं को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई वास्तविक कमी देखने को नहीं मिलेगी और उन्हें पहले की तरह ही कीमत चुकानी पड़ेगी।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री Manmohan Singh के कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि मई 2014 में कच्चे तेल की कीमत 106.94 डॉलर प्रति बैरल थी, तब पेट्रोल लगभग 71 रुपये प्रति लीटर और डीजल करीब 56 रुपये प्रति लीटर मिलता था।
उन्होंने यह भी दावा किया कि हाल के समय में, जब कच्चे तेल की कीमत लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल रही, तब भी पेट्रोल की कीमत 95 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई।
उनके मुताबिक, यह अंतर पिछले साढ़े 11 वर्षों में केंद्र की Narendra Modi सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी में कई बार बढ़ोतरी के कारण है।
