Italy Denies Landing to US Fighter Jet Amid Iran Conflict, A Major Setback for Trump
ईरान: युद्ध के बीच इटली ने अमेरिका को बड़ा झटका देते हुए अपने यहां अमेरिकी सैन्य विमान को उतरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मध्य पूर्व की ओर जा रहे एक अमेरिकी विमान को सिसिली में लैंडिंग की इजाजत नहीं दी गई। यह जानकारी इटली के स्थानीय अखबार ने प्रकाशित की है।
बताया जा रहा है कि जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने खुद को ईरान युद्ध से अलग रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है। खास बात यह है कि इसे डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मेलोनी सरकार का पहला बड़ा निर्णय माना जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, सिसिली जैसे रणनीतिक स्थान पर अमेरिकी विमानों को लैंडिंग की अनुमति न मिलने से मध्य पूर्व में अमेरिका के सैन्य अभियानों पर असर पड़ सकता है, क्योंकि यह क्षेत्र मिशनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
इससे पहले स्पेन भी अमेरिकी विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर चुका है। अब इटली के इस फैसले ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इटली, जो कि नाटो का सदस्य है, यूरोप में एक अहम भूमिका निभाता है।
गौरतलब है कि मेलोनी को ट्रंप का करीबी माना जाता रहा है और वे यूरोप की उन गिनी-चुनी नेताओं में शामिल थीं, जिन्हें ट्रंप ने अपने शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया था। कई मौकों पर मेलोनी ने ट्रंप का समर्थन भी किया है, ऐसे में मौजूदा फैसला दोनों देशों के रिश्तों में बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
हालांकि, इटली सरकार ने इस फैसले पर आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन इसे हाल ही में हुए जनमत संग्रह से जोड़कर देखा जा रहा है। इस जनमत में मेलोनी की पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था, जिसमें ईरान युद्ध एक बड़ा मुद्दा बताया गया।
सर्वे के अनुसार, इटली के कई नागरिक ट्रंप के साथ मेलोनी की नजदीकियों से नाराज हैं और उन्हें ईरान युद्ध के चलते आर्थिक संकट की आशंका है। ऐसे में यह निर्णय घरेलू राजनीति से भी जुड़ा हुआ माना जा रहा है।इटली में अगले वर्ष आम चुनाव होने वाले हैं, जहां मेलोनी फिर से प्रधानमंत्री पद के लिए मैदान में उतर सकती हैं।
