LPG Booking Rule Change Rumours Denied, Government Says Existing System Continues
नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच देश में गैस की कमी की खबरों के बीच केंद्र सरकार ने एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए e-KYC को लेकर फैले भ्रम को स्पष्ट कर दिया है।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया है कि बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण (e-KYC) केवल उन्हीं ग्राहकों के लिए अनिवार्य है, जिन्होंने अब तक अपनी केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की है।
भारत में 33 करोड़ से अधिक एलपीजी उपभोक्ता हैं, जिनमें 10.51 करोड़ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थी शामिल हैं। सरकार ने साफ किया है कि सामान्य उपभोक्ताओं को बार-बार e-KYC कराने की आवश्यकता नहीं है।
हालांकि, उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को सब्सिडी का लाभ लेने के लिए साल में एक बार केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। राहत की बात यह है कि e-KYC के कारण गैस रिफिल की आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
गौरतलब है कि 15 मार्च को मंत्रालय ने कहा था कि सभी घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए e-KYC अनिवार्य है। इस बयान के बाद लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी।
अब मंत्रालय ने सोशल मीडिया के जरिए स्पष्ट किया है कि e-KYC केवल उन्हीं उपभोक्ताओं पर लागू होता है, जिन्होंने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है। यदि कोई उपभोक्ता पहले ही e-KYC करा चुका है और वह PMUY का लाभार्थी नहीं है, तो उसे इसे दोबारा कराने की जरूरत नहीं है।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि यह पहल ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ताओं को बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण पूरा करने के लिए प्रेरित करने का हिस्सा है।
