Gorakhpur Case: Life Imprisonment for Accused in 6-Year-Old Girl Assault, Mother Gets 4 Years for Hiding Evidence
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 6 साल की मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सख्त फैसला सुनाते हुए आरोपी युवक को उम्रकैद की सजा दी है। साथ ही, सबूत छिपाने की दोषी पाई गई उसकी मां को भी 4 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है।
अपर सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार यादव ने चार्जशीट दाखिल होने के महज 17 दिनों के भीतर यह फैसला सुनाया, जिसे त्वरित न्याय का उदाहरण माना जा रहा है।
घटना 21 फरवरी की है, जब उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले की रहने वाली 6 वर्षीय बच्ची अपने दादा-दादी के साथ पीपीगंज क्षेत्र में एक शादी समारोह में शामिल होने आई थी। इसी दौरान महरिया गांव निवासी आरोपी युवक ने उसे बहला-फुसलाकर बाग में ले जाकर उसके साथ घिनौनी वारदात को अंजाम दिया और बेहोशी की हालत में छोड़कर फरार हो गया।
परिजनों ने बच्ची की तलाश शुरू की और शादी में इस्तेमाल किए गए ड्रोन कैमरे की मदद से आरोपी की पहचान की गई। बच्ची को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ा।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी की मां ने उसे बचाने के लिए खून से सने कपड़े धो दिए और उसे छिपाने की कोशिश की।
कोर्ट ने आरोपी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर उसे अतिरिक्त 6 महीने की सजा भुगतनी होगी। वहीं, उसकी मां पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जिसे न चुकाने पर 2 महीने की अतिरिक्त सजा होगी।
इस फैसले के बाद स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि हर मामले में इसी तरह तेजी से न्याय मिले, तो अपराधियों में कानून का डर बढ़ेगा और ऐसे जघन्य अपराधों पर लगाम लगाई जा सकेगी।
