बुलंदशहर। सदर तहसील क्षेत्र के गुलावठी कोतवाली अंतर्गत महावतपुर गढ़ी गांव में सरकारी भूमि और एक प्राचीन कुएं पर कथित अवैध कब्जे के मामले में अब दूसरा पक्ष भी सामने आया है। प्रतिवादी परिवार ने शिकायतकर्ता अकरम द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को खारिज करते हुए विवादित भूमि को अपनी पैतृक संपत्ति बताया है।
प्रतिवादी पक्ष का कहना है कि जिस भूमि को सरकारी बताया जा रहा है, वह उनके परिवार की पुश्तैनी जमीन है। उनका दावा है कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान डकैती की घटना और असामाजिक तत्वों के डर के कारण उनका परिवार गांव छोड़कर चला गया था।
परिवार का कहना है कि अब कानून-व्यवस्था में सुधार होने के बाद वे दोबारा गांव लौटे हैं और वर्षों से बिना चारदीवारी पड़ी अपनी जमीन पर बाउंड्री वॉल का निर्माण करा रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके घर के पास स्थित धार्मिक मान्यता वाले पुराने कुएं से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी।
गौरतलब है कि शिकायतकर्ता अकरम ने मुख्यमंत्री से शिकायत कर आरोप लगाया था कि सरकारी भूमि और धार्मिक महत्व के कुएं पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। अब दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के बाद मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
