बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र में 12 वर्षीय बालक अंकुश आहके की हत्या के मामले का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। अंधविश्वास और जादू-टोने के शक में की गई इस निर्मम हत्या ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम ताईखेड़ा निवासी 12 वर्षीय अंकुश आहके 20 जून से लापता था। परिजनों की शिकायत पर मुलताई पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस का संदेह गांव के ही सुदामा इनवाती पर गया।
पुलिस द्वारा की गई सघन पूछताछ में सुदामा इनवाती ने अपने साथी राकेश उइके के साथ मिलकर हत्या की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली। आरोपियों ने बताया कि उन्हें अंधविश्वास के चलते बालक पर जादू-टोना करने का संदेह था।

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी अंकुश को बहाने से अपने साथ ले गए। वहां उन्होंने पहले लोहे की रॉड से हमला किया और फिर रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को बोरी में बांधकर सालईढाना के जंगल में स्थित एक नाले में फेंक दिया गया।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने जंगल से शव बरामद कर लिया है। मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने बताया कि अंधविश्वास के कारण इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया गया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अंधविश्वास और अफवाहों से दूर रहें तथा किसी भी विवाद या संदेह की स्थिति में कानून का सहारा लें।
इस सनसनीखेज हत्याकांड के खुलासे के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। मासूम की दर्दनाक मौत ने एक बार फिर समाज में व्याप्त अंधविश्वास की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है।
