भिवंडी। महाराष्ट्र के भिवंडी में चार मंजिला इमारत का हिस्सा गिरने के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भवन मालिक और ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।
पुलिस के अनुसार, इमारत के मालिक बिलाल अहमद अबू बकर खान और मरम्मत कार्य कर रहे ठेकेदार अशोक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और महाराष्ट्र रीजनल एंड टाउन प्लानिंग (MRTP) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
यह शिकायत भिवंडी-निजामपुर नगर निगम के सहायक आयुक्त फैसल अब्दुल कय्यूम टाटली की ओर से दर्ज कराई गई है। आरोप है कि इमारत का निर्माण आवश्यक अनुमति के बिना किया गया था और खतरनाक घोषित होने के बावजूद वहां मरम्मत का कार्य जारी था।
यह हादसा गुरुवार रात बालाजी नगर इलाके में हुआ। नगर निगम ने इस 48 कमरों वाली इमारत को पहले ही जर्जर और असुरक्षित घोषित किया था। घटना के समय इमारत के पिलरों की मरम्मत की जा रही थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रात करीब 9 बजे इमारत से तेज आवाजें आने लगीं। स्थानीय लोगों ने कई परिवारों को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान इमारत का बी-विंग अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे कई लोग मलबे में दब गए।
घटना के तुरंत बाद एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया, जो अभी भी जारी है। अधिकारियों को आशंका है कि मलबे में अभी और लोग फंसे हो सकते हैं।
हादसे में बचकर निकले दीपक कुमार यादव ने बताया कि रात का खाना खाने के बाद जैसे ही वह सोने गए, तभी तेज धमाके जैसी आवाज आई और अफरा-तफरी मच गई। वहीं संगीता प्रजापति ने बताया कि इमारत गिरने की आवाज सुनकर भागते समय वह घायल हो गईं।
अभय कुमार यादव ने बताया कि बाहर निकलने का रास्ता बंद होने के कारण उन्हें पहली मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जान बचानी पड़ी, जिससे उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया।
हादसे के बाद कई परिवार अब भी अपने लापता परिजनों की तलाश में जुटे हैं। नेहा सिंह अपने पति रणजीत सिंह की तलाश कर रही हैं, जो घटना के बाद से लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
