गुवाहाटी। असम में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। भारी बारिश और ब्रह्मपुत्र समेत अन्य नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण राज्य के कई जिलों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, राज्य के 24 जिले बाढ़ की चपेट में हैं और करीब 17.2 लाख लोग इस आपदा से प्रभावित हुए हैं।
बाढ़ का सबसे अधिक असर शिवसागर, चाराइदेओ और जोरहाट जिलों में देखा जा रहा है। इसके अलावा सोनितपुर, डिब्रूगढ़, लखीमपुर, धेमाजी, धुबरी, ग्वालपाड़ा, कोकराझाड़, बोंगाईगांव, बारपेटा, मोरीगांव, कामरूप, गोलाघाट, नौगांव, कछार, श्रीभूमि, हैलाकांडी, होजाई, तिनसुकिया, विश्वनाथ, करिमगंज, दक्षिण सलमारा, नलबाड़ी और दरांग समेत कई जिले बाढ़ से प्रभावित हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 65 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं कुछ गैर-सरकारी संगठनों और स्थानीय सूत्रों का दावा है कि मृतकों की संख्या इससे अधिक हो सकती है। कई इलाकों से लोगों के लापता होने की भी खबरें सामने आ रही हैं।
बाढ़ का असर इंसानों के साथ-साथ पशुधन पर भी पड़ा है। विभिन्न जिलों में हजारों पालतू पशुओं की मौत की खबर है। वहीं करीब 2,500 गांव ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों की बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जिससे हजारों परिवारों के सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है।
राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने अब तक 16 जिलों से 7,814 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। अधिकारियों का कहना है कि राहत अभियान लगातार चल रहा है और बचाए गए लोगों की संख्या में और इजाफा हो सकता है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में सरकारी एजेंसियों के अलावा सामाजिक संगठन, स्वयंसेवी संस्थाएं और स्थानीय लोग भी राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। प्रभावित परिवारों तक भोजन, पीने का पानी, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है, जबकि प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।
