बरेली, उत्तर प्रदेश। बरेली में लगातार हो रही बारिश अब पुराने और जर्जर भवनों के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है। शहर में कुछ ही घंटों के अंतराल में दो पुराने दोमंजिला मकान अचानक ढह गए। राहत की बात यह रही कि दोनों मकान पहले से खाली थे, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि एक स्थान पर तीन स्कूटर मलबे में दब गए और आसपास के मकानों में दरारें आने से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।
पहली घटना शहर के सौदागरान क्षेत्र में दरगाह आला हजरत के पास हुई, जहां करीब 50 वर्ष पुराना दोमंजिला मकान अचानक भरभराकर गिर गया। तेज बारिश के बीच मकान ढहने से सड़क पर मलबा फैल गया, जिससे दरगाह की ओर जाने वाला रास्ता कुछ समय के लिए बाधित हो गया। स्थानीय लोगों के अनुसार मकान काफी समय से जर्जर था और एहतियात के तौर पर पहले ही खाली करा लिया गया था। नीचे की दुकान भी बंद थी, इसलिए हादसे के समय कोई अंदर मौजूद नहीं था।
दूसरी घटना शहर कोतवाली क्षेत्र के आजमनगर में हरी मस्जिद के पास हुई। यहां लगभग 80 वर्ष पुराना दोमंजिला मकान अचानक गिर गया। मकान लंबे समय से खाली और जर्जर अवस्था में था। मकान गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। मलबा पूरी गली में फैल गया, जिससे वहां खड़े तीन स्कूटर उसके नीचे दब गए।
दोनों घटनाओं के बाद आसपास रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण पड़ोसी मकानों की दीवारों में भी बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। उन्हें आशंका है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो अन्य पुराने भवन भी कभी भी गिर सकते हैं।
स्थानीय निवासियों ने नगर निगम से शहर के सभी जर्जर भवनों का तत्काल सर्वे कराने और खतरनाक मकानों को समय रहते खाली कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय पर कार्रवाई से किसी बड़े हादसे को टाला जा सकता है।
फिलहाल दोनों घटनाओं में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
रिपोर्ट: 4TV News
स्थान: बरेली, उत्तर प्रदेश
