गाजियाबाद। जिले की मोदीनगर तहसील में तैनात एक हल्का लेखपाल पर रिश्वत लेने और नामांतरण प्रक्रिया में अनियमितता बरतने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस संबंध में गाजियाबाद बार एसोसिएशन से जुड़े एक अधिवक्ता ने उपजिलाधिकारी (SDM) को शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, मामला ग्राम जलालपुर रघुनाथपुर स्थित एक भूमि के नामांतरण से जुड़ा है। आरोप है कि पूनम सिंह द्वारा खसरा संख्या 288 में 96.99 वर्ग मीटर भूमि खरीदने के बाद नामांतरण का मामला तहसीलदार मोदीनगर की अदालत में विचाराधीन था।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि संबंधित हल्का लेखपाल संजय कुमार ने रिपोर्ट लगाने के एवज में कथित तौर पर रिश्वत की मांग की। आरोप है कि रिश्वत न मिलने पर लेखपाल ने दूसरे पक्ष से पैसे लेकर उनके पक्ष में रिपोर्ट लगा दी।
शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि नामांतरण प्रक्रिया के लिए आवश्यक जाति प्रमाण पत्र दाखिल किए बिना ही संबंधित रिपोर्ट भेज दी गई, जबकि पहले प्रमाण पत्र की मांग की गई थी।
इसके अलावा शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि लेखपाल पिछले आठ वर्षों से अधिक समय से मोदीनगर तहसील में तैनात हैं और जांच कार्यों में कथित तौर पर दो-तीन निजी व्यक्तियों की मदद लेते हैं। आरोप है कि ये लोग जांच के नाम पर लोगों से पैसे वसूलते हैं।
हालांकि, ये सभी आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित लेखपाल या राजस्व विभाग की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फिलहाल शिकायत एसडीएम को सौंप दी गई है। मामले की जांच के बाद ही आरोपों की सत्यता और आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।
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स्थान: गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश
