वाराणसी में हृदय रोग के मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है। शहर के एक अस्पताल में एडवांस मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी (MICS) की सुविधा शुरू की गई है। अस्पताल का दावा है कि पूर्वांचल में यह सुविधा पहली बार उपलब्ध कराई गई है।
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. शैलेश कुमार यादव के अनुसार, पारंपरिक हार्ट बाईपास और वाल्व सर्जरी में छाती के बीच बड़ा चीरा लगाया जाता है, जिससे मरीज को अधिक दर्द, लंबे समय तक रिकवरी और कई तरह की असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से महिलाओं के लिए ऑपरेशन के बाद सामान्य जीवन में लौटने में अधिक समय लग सकता है।
नई MICS तकनीक में छाती के बीच की हड्डी काटने की आवश्यकता नहीं होती। इसके बजाय शरीर के एक तरफ करीब ढाई से तीन इंच के छोटे चीरे के जरिए बाईपास और वाल्व सर्जरी की जाती है। इससे ऑपरेशन के बाद दर्द कम होता है, संक्रमण का खतरा घटता है और मरीज अपेक्षाकृत जल्दी सामान्य गतिविधियां शुरू कर सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तकनीक से ऑपरेशन के बाद मरीज कम समय में चलने-फिरने लगता है और अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि भी कम हो सकती है। हालांकि, किस मरीज के लिए यह तकनीक उपयुक्त होगी, इसका निर्णय चिकित्सकीय जांच और विशेषज्ञ की सलाह के आधार पर किया जाता है।
अस्पताल का मानना है कि इस सुविधा के शुरू होने से वाराणसी समेत पूरे पूर्वांचल के हृदय रोगियों को आधुनिक उपचार के लिए दूसरे बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
रिपोर्ट: रोहित सेठ
स्थान: वाराणसी
