उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में रेलवे अंडरपास बंद होने से जलभराव की समस्या को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। किसानों का आरोप है कि पानी की निकासी बाधित होने से हजारों बीघा धान की फसल बर्बाद हो रही है। इसी मांग को लेकर सैकड़ों किसानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जल्द समाधान की मांग की।
यह मामला उमरापुर, मौरमपुर, बुढवागढ़ और रैंकुआई गांवों का है। किसानों के अनुसार, कानपुर-प्रयागराज रेलवे लाइन पर स्थित 14 फूटी टांडियाह के पास बने रेलवे अंडरपास को विभाग द्वारा बंद कर दिया गया है। इसके बाद से बरसात का पानी खेतों से नहीं निकल पा रहा है, जिससे व्यापक जलभराव हो गया है।
किसानों का कहना है कि लगातार पानी भरे रहने के कारण हजारों बीघा धान की फसल सड़कर खराब हो रही है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
छत्रपति शिवाजी महाराज सेवा संस्थान के अध्यक्ष रोहित पटेल के नेतृत्व में किसानों ने जिलाधिकारी फतेहपुर को ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना है कि वे इस समस्या को लेकर प्रयागराज रेल महाप्रबंधक समेत कई अधिकारियों से मिल चुके हैं। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण भी किया, लेकिन अब तक अंडरपास नहीं खोला गया।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द अंडरपास खोलकर पानी निकासी की व्यवस्था कराई जाए। उनका कहना है कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
रिपोर्ट: रिजवान उददीन
स्थान: फतेहपुर
