औरैया। समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री एवं पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक को कथित रंगदारी वसूली मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने औरैया में दर्ज मुकदमे की आगे की न्यायिक कार्यवाही पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान की पीठ ने की।
हाईकोर्ट में कमलेश पाठक की ओर से अधिवक्ता इंद्रभान यादव और शिव बहादुर सिंह ने पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि कमलेश पाठक वर्ष 2020 से एक अन्य मामले में जेल में हैं। वर्तमान मामले में आरोप है कि उन्होंने जेल से सह-आरोपी अब्दुल सत्तार के माध्यम से रंगदारी वसूली का रैकेट संचालित किया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि राज्य सरकार और प्रथम सूचनाकर्ता की ओर से ऐसा कोई स्पष्ट साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे यह साबित हो सके कि कमलेश पाठक ने जेल से सह-आरोपी के संपर्क में रहकर रंगदारी वसूली का संचालन किया।
अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2021 में दर्ज एक पूर्व मुकदमे में अब्दुल सत्तार आरोपी था, लेकिन उस मामले में कमलेश पाठक का नाम शामिल नहीं था और न ही उन पर रंगदारी से संबंधित कोई आरोप लगाया गया था। इसके करीब पांच वर्ष बाद वर्ष 2026 में वर्तमान मुकदमा दर्ज किया गया, जिसकी देरी पर भी अदालत ने सवाल उठाए।
हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपपत्र में जेलर या किसी अन्य जेल अधिकारी का बयान शामिल नहीं है, जिससे जेल के भीतर से रंगदारी रैकेट चलाने के आरोपों की पुष्टि हो सके।
मामले को विचारणीय मानते हुए हाईकोर्ट ने विपक्षी पक्षों को तीन सप्ताह के भीतर काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 16 अक्टूबर 2026 को होगी। तब तक केस संख्या 14/2026, थाना औरैया से संबंधित न्यायिक कार्यवाही पर रोक रहेगी।
रिपोर्ट: आशुतोष अवस्थी
स्थान: औरैया, उत्तर प्रदेश
